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नारी

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ढोंग के बीच जो भक्ति है उसको कहते हम नारी हैं दुर्बल में जो शक्ति है उसको कहते हम नारी हैं जिसके कदमों में जन्नत है उस माँ का जग आभारी है ममता जिस जिसके हृदय में है उसको कहते हम नारी हैं सबके हित में जो समर्पित हर आत्मा संस्कारी है उस संस्कार को जो न मिटने दे उसको कहते हम नारी हैं झुक जाए हर शीश जहां वह मंदिर, मस्जिद नारी है रंक को भी राजा बनादे साथ खड़ी जब नारी है जिसके ऊपर ब्रह्मांड के निर्माण की ज़िम्मेदारी है वो प्रकृति, वो जननी और धरती माँ भी नारी है हर क्षेत्र में है सर्वश्रेष्ठ ऐसी उसकी कलाकारी है वो अबला नहीँ, लाचार नहीँ वो सर्वशक्तिशाली नारी है मैं भी नारी, तुम भी नारी हम सबके भीतर नारी है जिस भाव को पूजे दुनिया सारी उसको कहते हम नारी हैं                                           ~RV

तन्हाई

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फसी कैसी बेड़ियों में सियाही है बढ़ रही मेरे पन्नो की तन्हाई है, कलम से मेरे सोच की ऐसी जुदाई है, थम सी गयी मेरी सारी लिखाई है। मन भर न कुछ सोच सकू अब न ही लिख सकूँ कुछ भी हाथों में कलम पकड़ूँ जब उड़ जाते खयाल सभी भटकता हूँ फिर रहा अब किसी प्रेरणा की तलाश में बिन कल्पना ठहर सा गया जैसे ज़िंदा कोई लाश मैं लगता है शब्द मुझसे रूठ गए उनसे बंधन जैसे टूट गए कोशिश जितनी भी करूं वो पास आने से रहे कभी कभी हूँ सोचता क्या दर्द मेरे मिट गए? खुदसे हूँ मैं पूछता क्या तकलीफ सारे सिमट गए? क्या लहू की स्याही सूख गई? क्या माँ की ममता चूक गयी? है कहाँ वो कविता  जो क्रांति की आग लिए फिरती थी है कहाँ वो गाथा जो हर गरीब की आत्मकथा कहती थी क्या उस क्रांति की आग बुझ गयी? क्या गरीबी की चीख सुनाई देनी बंद हो गयी? क्यों खुदको बयान करने की क्ष्यमता मैने खो दिया? या फिर मुझको जो कुछ कहना था वो सारी बातें भूल गया? क्या नहीँ पहुंचती मेरी बातें उन सारे कानों तक? क्या मेरा संदेशा नहीं पहुंचा सारे ठिकानों तक? क्यों युवा पीढ़ी है खामोश...

यारी

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यारी कहो इसे मेरी तुम्हारी होती है सबकी न्यारी जान से ज्यादा भी प्यारी है सबकी कोई न कोई यारी बचपन की बातें अब जो रह गयी मुलाकातें मिलना जुलना हुआ बंद पर यादें बिना हम रह नही पाते जब मन हो उदास जब पल हो खास बातें किसीको बतलानी न कोई अपने पास या आया कोई रास सुनानी हो कोई नई कहानी तब याद उनकी आजाती लम्हों से बातें हो जाती जो पास नही पर दिल में है उन यारों की यारी याद आती। चाहे जितनी तरक्की है ज़िन्दगी की जीत पक्की है पर साथ नहीं अगर यार तुम्हारे तो हर खुशी लगती फीकी है वो पल जो दोबारा जीने हों अधूरे plans बनाने हों एक कमरे के अंदर बैठे दुनिया बदलने की बातें हो तब याद उनकी आजाती लम्हों से बातें हो जाती जो पास नही पर दिल में है उन यारों की यारी याद आती । Happy friendship day ! सभी यारों को, जो पास है उन्हें शुक्रिया, और जो दूर है, पर दिल में हैं , उन्हें भी।                                         ...